साँस में अल्कोहल की मात्रा 'शरीर में शराब' (酒気帯び) की कानूनी सीमा से कम हो, तब भी शराब के असर से सामान्य रूप से गाड़ी न चला पाने की आशंका वाली हालत में गाड़ी चलाना 'नशे की हालत में गाड़ी चलाना' (酒酔い運転) है।
उत्तर: ○ सही
व्याख्या
नशे की हालत में गाड़ी चलाना इस आधार पर तय होता है कि सामान्य रूप से गाड़ी न चला पाने की आशंका है या नहीं (21 जुलाई 2026 से, साँस के 1 लीटर में 0.5 mg या अधिक होने पर भी यह नशे की हालत माना जाता है)। कानूनी सीमा से कम होने पर भी, अगर लड़खड़ाहट जैसे लक्षण हों, तो यह ज़्यादा गंभीर 'नशे की हालत में गाड़ी चलाना' बन जाता है।
“चालक के कर्तव्य” के और प्रश्न
- थोड़ी शराब से गाड़ी चलाने पर असर नहीं पड़ता, इसलिए लगभग 1 गिलास बीयर पीकर गाड़ी चला सकते हैं।
- शराब पी चुके व्यक्ति को गाड़ी उधार देने वाला, या गाड़ी चलाने जा रहे व्यक्ति को शराब पिलाने वाला व्यक्ति भी दंड का भागी होता है।
- चालक ने शराब पी है, यह जानते हुए उसकी गाड़ी में बैठने वाले व्यक्ति को दंड नहीं मिलता, क्योंकि वह गाड़ी नहीं चला रहा।
- मोटर वाहन चलाते समय किसी भी हाल में सीट बेल्ट पहनना ज़रूरी है।
- पिछली सीट पर बैठे यात्रियों को सीट बेल्ट पहनवाना ज़रूरी नहीं है।
- 6 साल से कम उम्र के बच्चे को सामान्य मोटर वाहन (कार) में बिठाते समय सामान्यतः चाइल्ड सीट का उपयोग करना ज़रूरी है।
प्रश्न और व्याख्या जापान के सड़क यातायात अधिनियम और राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी की ट्रैफ़िक नियम पुस्तिका (交通の方法に関する教則) के आधार पर लिखे गए हैं। ये आधिकारिक परीक्षा प्रश्न नहीं हैं।