जब कोई रूट बस स्टॉप से चलने का संकेत दे, तो पीछे के वाहनों को किसी भी हाल में रास्ता देना ही होगा।
उत्तर: ✕ गलत
व्याख्या
चलने का संकेत दे चुकी रूट बस के रास्ते में सामान्यतः बाधा नहीं डालनी चाहिए। लेकिन अगर रास्ता देने के लिए अचानक ब्रेक या अचानक स्टीयरिंग घुमाना पड़े, तो यह अपवाद है — इतना करके रास्ता देने का कर्तव्य नहीं है।
“रास्ते का अधिकार” के और प्रश्न
- जब रुकी हुई ट्राम में कोई चढ़-उतर नहीं रहा, सुरक्षा क्षेत्र (安全地帯) भी नहीं है, और ट्राम से 1.5 मीटर या अधिक दूरी रखी जा सके, तो धीमी गति (徐行) से आगे बढ़ सकते हैं।
- वरिष्ठ चालक का निशान (高齢者マーク) लगाकर चल रहे वाहन को ओवरटेक करना (追越し) या बिना रास्ता बदले उससे आगे निकलना (追抜き) मना है।
- जब कोई पैदल यात्री पैदल पार-पथ (ज़ेबरा क्रॉसिंग) पार करने वाला हो, तो धीमी गति (徐行) से चलकर उसे रास्ता देना काफ़ी है।
- पैदल पार-पथ के पास पहुँचने पर, अगर साफ़ न हो कि कोई पार करने वाला है या नहीं, तो गति इतनी कम करके चलना होगा कि उससे पहले रुक सकें।
- जब पैदल पार-पथ से ठीक पहले कोई वाहन रुका हुआ हो, तो उसके बगल से निकलकर आगे जाने से पहले पूरी तरह रुकना ज़रूरी है।
- जब कोई साइकिल साइकिल क्रॉसिंग पट्टी से पार करने वाली हो, तब भी पैदल पार-पथ के पैदल यात्रियों की तरह उससे ठीक पहले पूरी तरह रुककर रास्ता देना ज़रूरी है।
प्रश्न और व्याख्या जापान के सड़क यातायात अधिनियम और राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी की ट्रैफ़िक नियम पुस्तिका (交通の方法に関する教則) के आधार पर लिखे गए हैं। ये आधिकारिक परीक्षा प्रश्न नहीं हैं।